देश की गुलामी की जंजीर तोड़ने के लिए काम उम्र में ही हंसते हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले जंग - ए - आजादी के महानायक अशफ़ाक उल्ला खां की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि ।

देश की गुलामी की जंजीर तोड़ने के लिए काम उम्र में ही हंसते हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले जंग - ए - आजादी के महानायक अशफ़ाक उल्ला खां की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि ।


आज जंग - ए - आजादी के महानायक अशफ़ाक उल्ला खां की जयंती है। आज ही के दिन अशफ़ाक उल्ला खां का जन्म 22 अक्टूबर 1900 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मेहरुन्निशा और शफीक उल्ला खां के घर हुआ ।

देश की गुलामी की जंजीर तोड़ने के लिए काम उम्र में ही हंसते हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले जंग - ए - आजादी के महानायक अशफ़ाक उल्ला खां की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि ।


अशफाक उल्ला खाँ को काकोरी में हुई ट्रेन लूटपाट में सक्रिय भागीदार होने के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा विद्रोही करार दिया गया था।


9 अगस्त 1925 को राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला, राजेन्द्र लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, शचीन्द्र बख्शी, चंद्रशेखर आजाद, केशव चक्रवर्ती, बनवारी लाल, मुकुन्दी लाल, मनमथनाथ गुप्ता समेत कई लोगो के समूह ने ककोरी गाँव में सरकारी धन ले जाने वाली ट्रेन में लूटपाट की थी। इस घटना को इतिहास में प्रसिद्ध काकोरी ट्रेन डकैती के रूप में जाना जाता है।


अशफाक उल्ला खाँ को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी।



अशफ़ाक उल्ला खां की नज्म। कस ली है कमर अब तो कुछ करके दिखाएंगे।


कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे,

आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे।


हटने के नहीं पीछे, डरकर कभी जुल्मों से,

तुम हाथ उठाओगे, हम पैर बढ़ा देंगे।


बेशस्त्र नहीं हैं हम, बल है हमें चरख़े का,

चरख़े से ज़मीं को हम, ता चर्ख़ गुंजा देंगे।

परवा नहीं कुछ दम की, ग़म की नहीं, मातम की,

है जान हथेली पर, एक दम में गंवा देंगे।


उफ़ तक भी जुबां से हम हरगिज़ न निकालेंगे,

तलवार उठाओ तुम, हम सर को झुका देंगे।


सीखा है नया हमने लड़ने का यह तरीका,

चलवाओ गन मशीनें, हम सीना अड़ा देंगे।

दिलवाओ हमें फांसी, ऐलान से कहते हैं,

ख़ूं से ही हम शहीदों के, फ़ौज बना देंगे।


मुसाफ़िर जो अंडमान के, तूने बनाए ज़ालिम,

आज़ाद ही होने पर, हम उनको बुला लेंगे।


देश की गुलामी की जंजीर तोड़ने के लिए काम उम्र में ही हंसते हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले जंग - ए - आजादी के महानायक अशफ़ाक उल्ला खां की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि ।


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर दी विनम्र श्रद्धांजलि,


"काकोरी ट्रेन एक्शन' के महानायक, स्वतंत्रता के क्रांतिदूत, माँ भारती के अमर सपूत अशफाक उल्ला खां की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।


देश की आजादी के लिए आपका समर्पण हम सभी के लिए महान प्रेरणा है।"


प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि,

 

"अशफाक उल्ला खान और पंडित रामप्रसाद बिस्मिल मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़े। दोनों ने ही देशवासियों के नाम संदेश में 'साथ मिलकर देश की भलाई और गरीबों के हक के लिए काम करने' की बात कही।


देशभक्ति, समता और सद्भाव का संदेश देने वाले क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खान को उनकी जयंती पर सादर नमन"



मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि,


"वतन हमारा रहे शादकाम और आबाद, हमारा क्या है अगर हम रहे, रहे न रहे।-अशफाक जी


महान स्वतंत्रता सेनानी, मां भारती के वीर सपूत अशफाक उल्ला खां की जयंती पर कोटिश: नमन् करता हूं।


आपकी वीरता, साहस और गौरव की कहानियां सदैव युवाओं को राष्ट्र के उत्थान के लिए प्रेरित करती रहेंगी।"


आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि,

 

"देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, काकोरी विद्रोह के नायक, अमर शहीद अशफ़ाक उल्ला खान जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।"



राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके दी श्रद्धांजलि,

"भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर क्रांतिकारी, अशफाक उल्ला खां को उनकी जयंती पर मैं श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन करता हूँ। कृतज्ञ राष्ट्र आजादी की लड़ाई में उनके बलिदान को कभी भुला नहीं सकता।"


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