गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सरकार को दी चेतावनी,किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे 15 दिनों में लें वापस, नहीं तो रेल रोको आंदोलन की जिम्मेदार खुद होगी सरकार।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने रेलवे मंत्रालय और केंद्र सरकार को चेतावनी दी है यदि 15 दिनों के अंदर किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते है तो रेल रोको आंदोलन की जिम्मेदार खुद सरकार व रेल मंत्रालय होंगे।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा जब किसान आंदोलन समाप्त हुआ था तो केंद्र और राज्य सरकार ने सभी कैस वापस लेने का वादा किया था और msp कमेटी और भी कई वादे किए लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है और skm भी इस पर कोई ज्यादा जवाब भी अभी तक नही दे पाया है।
दुख की बात ये है जो केंद्र सरकार के मुकदमे थे खासकर रेलवे के वो अभी तक किसानो पर बने हुए है। और उसके समान किसानो पर आने शुरू हो गए है और उस पर कोई कुछ नही कर रहा है। हम सरकार को चेतावनी देना चाहते हैं की अगर ये मुकदमे वापस नहीं लिए गए, सरकार बता दे ये मुकदमे वापस लेने है क्या नही लेने है। हा में या ना में केंद्र सरकार जवाब दे के मुकदमे वापस लेने है की नहीं लेने है केंद्र सरकार जवाब दे,
हम सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी देते है की सरकार 15 दिनों में मुकदमे वापस ले नही तो हमारे पर आंदोलन के सिवाए कोई चारा नहीं बचेगा । और फिर हम जो केरेंगे उसकी जिम्मेदार सरकार होगी, उसका जिम्मेदार रेलवे होगी, हम पूरे हरियाणा और पंजाब में ट्रेन रोकेंगे।
हम सरकार को चेतावनी देते है यदि मुकदमे वापस नहीं लिए तो हम पूरे हरियाणा और पंजाब में ट्रेन रोकेंगे फिर चाहे आप और मुकदमे लगाना या गोली मरना या हमारे ऊपर से ट्रेन उतरना हमारा अगला प्रोग्राम ट्रेनें रोकने का होगा, हम कुछ गलत नही मांग रहे है,आपने जो वादा किया था हम उसकी मांग कर रहे है। गुरनाम सिंह चढूनी, किसान नेता
गुरनाम सिंह चढूनी ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा,
रेलवे मंत्रालय और केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए केस अब तक वापिस नहीं लिए हम बीजेपी सरकार और रेलवे मंत्रालय को 15 दिन का समय देते हैं अगर केस वापिस नहीं हुए तो रेल रोको आंदोलन की जिम्मेवार सरकार व मंत्रालय खुद होगा
